बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर एक बार फिर सामाजिक मुद्दे पर खुलकर सामने आई हैं। इस बार उन्होंने उस छात्रा का समर्थन किया है, जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में छात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी थी। वीडियो वायरल होने के बाद जहां कई लोगों ने उसकी आलोचना की, वहीं छात्रा ने दावा किया कि उसे रेप और जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।
भूमि ने क्या कहा?
भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी की बात से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी भी महिला को रेप या जान से मारने की धमकियां देना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बहस और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा और डराने-धमकाने वाली भाषा कभी भी समाधान नहीं हो सकती।
PM मोदी पर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब एक छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आई। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने छात्रा की भाषा पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने उसके खिलाफ हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियों का भी विरोध किया।
भूमि खुद भी हो चुकी हैं ट्रोल
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले भूमि पेडनेकर खुद भी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि किसी भी राजनीतिक विरोध में अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। अब उसी विवाद से जुड़ी छात्रा के समर्थन में सामने आकर भूमि ने साफ किया है कि वह किसी की भाषा का समर्थन नहीं कर रहीं, बल्कि किसी भी महिला को मिलने वाली रेप और जान से मारने की धमकियों का विरोध कर रही हैं।
'मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नफरत नहीं'
भूमि ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति, खासकर किसी महिला को, डराने या हिंसा की धमकी देना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करने की अपील भी की।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
भूमि पेडनेकर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके इस रुख की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि किसी भी महिला को ऐसी धमकियां नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स का मानना है कि छात्रा की अभद्र भाषा की भी उतनी ही कड़ी आलोचना होनी चाहिए। फिलहाल, यह मुद्दा सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।