छत्तीसगढ़ी में आई ‘रामायण’ तो दर्शकों ने कैसे किया स्वागत? रिलीज के बाद सामने आया असली रिस्पॉन्स, बॉक्स ऑफिस पर अभी धीमी रफ्तार
छत्तीसगढ़ी भाषा में रिलीज हुई ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। जानिए फिल्म के शुरुआती बॉक्स ऑफिस आंकड़े और छत्तीसगढ़ी वर्जन का रिस्पॉन्स।
रामायण की कहानी जब छत्तीसगढ़ी भाषा में सिनेमाघरों तक पहुंची तो इसे लेकर उत्सुकता सिर्फ फिल्म देखने वालों में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा के दर्शकों के बीच भी थी। 25 सितंबर को रिलीज हुई ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा-श्री राम की’ हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में भी देशभर के सिनेमाघरों में पहुंची है। अब रिलीज के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया और शुरुआती बॉक्स ऑफिस तस्वीर सामने आने लगी है।
फिल्म की सबसे खास बात यही है कि रामायण जैसी सर्वकालिक कहानी को पहली बार बड़े स्तर पर छत्तीसगढ़ी दर्शकों के लिए उनकी अपनी भाषा में पेश करने की कोशिश की गई है। फिल्म की शूटिंग भी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में हुई है, जिसमें रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकूट जैसे लोकेशन शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ी भाषा में रामायण ने कितना पकड़ा दर्शकों का ध्यान?
फिल्म की रिलीज के साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्करण को लेकर स्थानीय स्तर पर दिलचस्पी देखने को मिली। फिल्म की टीम ने रिलीज से पहले रायपुर और भिलाई में प्रमोशन किया था। कलाकारों और निर्माताओं ने कॉलेजों, मॉल्स और धार्मिक स्थलों पर लोगों से मुलाकात कर फिल्म के बारे में बातचीत की।
फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे शील वर्मा भी छत्तीसगढ़ से जुड़े हैं, जिससे स्थानीय दर्शकों के लिए फिल्म का कनेक्शन और मजबूत होता है। टीम ने छत्तीसगढ़ की जमीन पर फिल्म के कई हिस्सों की शूटिंग भी की है।
यानी यह सिर्फ रामायण की कहानी को एक और बार पर्दे पर दिखाने की कोशिश नहीं है, बल्कि स्थानीय भाषा और स्थानीय कनेक्शन के जरिए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयोग भी है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी है?
रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया पूरी तरह एक जैसी नहीं रही है।
कुछ दर्शकों ने फिल्म की कहानी, कलाकारों की परफॉर्मेंस, ग्राफिक्स और साउंड की तारीफ की है। रिलीज के मौके पर दर्शकों से मिली प्रतिक्रियाओं में फिल्म को परिवार और नई पीढ़ी के लिए देखने लायक बताया गया।
हालांकि दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर फिल्म के वीएफएक्स, कास्टिंग और कुछ विजुअल्स को लेकर आलोचना भी देखने को मिली है। रिलीज से पहले ही अंजलि अरोड़ा के सीता के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी और फिल्म के कुछ विजुअल्स पर भी यूजर्स ने सवाल उठाए।
यानी फिल्म का रिस्पॉन्स फिलहाल मिक्स्ड नजर आ रहा है।
छत्तीसगढ़ी वर्जन की बॉक्स ऑफिस तस्वीर क्या कहती है?
यहां कहानी थोड़ी अलग है।
ऑनलाइन बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म की ओपनिंग बहुत बड़ी नहीं रही। पहले दिन फिल्म की कुल इंडिया नेट कमाई शुरुआती लाइव आंकड़ों में करीब 10 लाख रुपये थी, जबकि छत्तीसगढ़ी शो में ऑक्यूपेंसी करीब 4 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि ये शुरुआती ट्रैकिंग आंकड़े हैं और अंतिम निर्माता आंकड़े अलग हो सकते हैं।
एडवांस बुकिंग में भी छत्तीसगढ़ी भाषा के शो की हिस्सेदारी सीमित रही। उपलब्ध आंकड़ों में छत्तीसगढ़ी संस्करण से करीब ₹3.81 लाख की एडवांस ग्रॉस बुकिंग दर्ज थी, जिसमें रायपुर सबसे बड़ा योगदान देने वाला शहर रहा।
इसका मतलब यह है कि भाषाई कनेक्शन मजबूत होने के बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की बड़ी संख्या जुटाने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
रायपुर बना छत्तीसगढ़ी वर्जन का सबसे बड़ा सेंटर
एडवांस बुकिंग के उपलब्ध आंकड़ों में रायपुर छत्तीसगढ़ी संस्करण के लिए सबसे आगे रहा। छत्तीसगढ़ी शो की बुकिंग में रायपुर का योगदान करीब 64 प्रतिशत बताया गया है।
यह आंकड़ा इसलिए दिलचस्प है क्योंकि फिल्म की टीम ने भी रिलीज से पहले रायपुर को अपने प्रमोशनल कैंपेन में प्रमुखता दी थी।
यानी फिल्म के लिए रायपुर सिर्फ एक रिलीज सेंटर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी ऑडियंस को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण बाजार बनकर सामने आया है।
‘रामायण’ को छत्तीसगढ़ी में लाने का फैसला क्यों खास है?
छत्तीसगढ़ की अपनी समृद्ध लोक परंपरा और राम से जुड़ी सांस्कृतिक स्मृतियां हैं। फिल्म की टीम ने भी प्रमोशन के दौरान रामायण के मूल्यों और संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की बात कही थी।
ऐसे में छत्तीसगढ़ी भाषा में फिल्म रिलीज करना सिर्फ डबिंग का फैसला नहीं माना जा सकता। यह कोशिश इस बात की भी है कि एक ऐसी कहानी, जिसे देश का बड़ा हिस्सा पहले से जानता है, उसे स्थानीय भाषा और स्थानीय संवेदना के जरिए नई ऑडियंस तक पहुंचाया जाए।
फिल्म में देव शर्मा भगवान राम, अंजलि अरोड़ा सीता, रजनीश दुग्गल रावण, शील वर्मा लक्ष्मण और निर्भय वाधवा हनुमान के किरदार में नजर आ रहे हैं। निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है।
सामने है एक बड़ी चुनौती
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ ऐसे समय रिलीज हुई है जब रामायण पर बड़े बजट की फिल्में भी लगातार चर्चा में हैं। इसके बावजूद इस फिल्म की अपनी अलग पहचान है—छत्तीसगढ़ी भाषा में रामायण को सिनेमाघरों तक ले जाना।
अब असली सवाल यह है कि शुरुआती मिश्रित प्रतिक्रिया के बाद वीकेंड पर फिल्म की पकड़ कितनी मजबूत होती है।
क्योंकि अगर छत्तीसगढ़ी संस्करण स्थानीय दर्शकों के बीच बेहतर पकड़ बनाता है, तो यह क्षेत्रीय भाषाओं में पौराणिक और बड़े पैमाने की कहानियां कहने वाले निर्माताओं के लिए एक दिलचस्प संकेत हो सकता है।
रामायण की कहानी हजारों साल पुरानी है, लेकिन छत्तीसगढ़ी भाषा में इसकी यह सिनेमाई यात्रा अभी शुरू हुई है। अब देखना होगा कि जय श्रीराम के इस स्थानीय रंग को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का कितना साथ मिलता है।
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Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
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