‘10% परिवार भी टूटने से बच गए तो मेरी मेहनत सफल’, के.सी. बोकाडिया ने ‘संस्कार’ की सफलता पर कही दिल की बात
के.सी. बोकाडिया ने मुंबई में मीडिया के साथ धारावाहिक ‘संस्कार’ की सफलता का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि अगर शो देखकर 10 प्रतिशत परिवारों में भी प्रेम और सम्मान बढ़ता है, तो उनके लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
मुंबई: फिल्मों में मनोरंजन का लंबा सफर तय करने के बाद फिल्ममेकर के.सी. बोकाडिया अब टीवी के जरिए परिवारों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पारिवारिक धारावाहिक ‘संस्कार’ को मिल रही प्रतिक्रियाओं के बीच उन्होंने मुंबई में मीडिया के साथ केक काटकर इसकी सफलता का जश्न मनाया। इस मौके पर बोकाडिया ने साफ कहा कि इस शो को बनाने के पीछे उनका मकसद पैसा कमाना नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की अहमियत को घर-घर तक पहुंचाना है।
बोकाडिया के मुताबिक, अगर इस धारावाहिक को देखकर 10 प्रतिशत परिवारों में भी आपसी प्रेम और सम्मान बढ़ता है, लोग संयुक्त परिवार की अहमियत समझते हैं और परिवार टूटने से बचते हैं, तो उनके लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
‘संस्कार’ से परिवारों को जोड़ना चाहते हैं के.सी. बोकाडिया
के.सी. बोकाडिया ने कहा, “अगर संस्कार घर-घर तक पहुंच रहा है तो ये पुण्य का काम है, क्योंकि आज परिवार बिखर रहे हैं। अगर संस्कार सीरियल देखकर 10 प्रतिशत लोगों में भी परिवार के प्रति प्रेम और आदर जागता है, संयुक्त परिवार की लोग अहमियत समझ लेते हैं, परिवार टूटने या बिखरने से बचता है, लोग भारतीय संस्कार को अपने जीवन में ले आते हैं, तो ये मेरे लिए बड़ी खुशी का कारण होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने यह धारावाहिक दिल से बनाया है और इसे बनाने के पीछे कमाई का उद्देश्य नहीं रखा। उनका लक्ष्य एक सामाजिक संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। बोकाडिया ने यह भी कहा कि दूरदर्शन के माध्यम से शो को देशभर के दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
पुरानी फिल्मों और गानों में आज भी क्यों ढूंढते हैं लोग भारतीय संस्कृति?
बोकाडिया का मानना है कि पुरानी फिल्मों और गानों की लोकप्रियता की एक वजह उनमें दिखने वाला भारतीय माहौल, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ाव भी है। उनके मुताबिक, ‘संस्कार’ के जरिए दर्शकों को उसी माहौल की याद दिलाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने दावा किया कि शो के एपिसोड प्रसारित होने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों से फोन और संदेश मिलते हैं। दर्शक धारावाहिक के संवाद, सिनेमैटोग्राफी, लोकेशन और कहानी की तारीफ करते हैं।
हालांकि, आज के दौर में पारिवारिक रिश्तों को दिखाने वाले धारावाहिकों के सामने चुनौती भी बड़ी है। दर्शकों की पसंद बदल रही है और टीवी पर मनोरंजन के विकल्प पहले से कहीं ज्यादा हैं। ऐसे में पारिवारिक मूल्यों पर आधारित कहानी को लगातार दर्शकों से जोड़े रखना आसान नहीं है।
तीन दर्जन से ज्यादा कलाकारों से सजा है धारावाहिक
बीएमबी प्रोडक्शंस के बैनर तले बने ‘संस्कार’ को के.सी. बोकाडिया ने लिखा और निर्देशित किया है। इसके निर्माता राजेश बोकाडिया और के.सी. बोकाडिया हैं।
धारावाहिक में दर्शन जरीवाला, जरीना वहाब, अमन वर्मा, मुग्धा गोडसे, राकेश बेदी, पंकज बेरी, महेश ठाकुर, सुप्रिया कार्निक और राजेश खेरा समेत तीन दर्जन से अधिक कलाकार नजर आते हैं।
शो की शूटिंग बनारस, जयपुर और कश्मीर की लोकेशन्स पर की गई है। कहानी में पारिवारिक रिश्तों और भारतीय संस्कृति को प्रमुखता दी गई है। धारावाहिक का प्रसारण डीडी नेशनल पर सोमवार से शुक्रवार रात 8 बजे होता है।
फिल्मों से टीवी तक का सफर
के.सी. बोकाडिया हिंदी सिनेमा में कई लोकप्रिय फिल्मों से जुड़े रहे हैं। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘कुदरत का कानून’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी पहचान बनाई।
अपने टीवी धारावाहिक ‘सरदार: द गेम चेंजर’ के बाद अब ‘संस्कार’ के साथ वह टेलीविजन पर अपनी रचनात्मक यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं।
बोकाडिया के लिए ‘संस्कार’ की सफलता का पैमाना सिर्फ दर्शकों की संख्या नहीं, बल्कि वह सामाजिक बदलाव भी है जिसकी उम्मीद वह इस शो से कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवारों और भारतीय मूल्यों पर केंद्रित यह धारावाहिक दर्शकों के साथ अपना जुड़ाव कितना मजबूत कर पाता है।
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Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
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