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Shweta Tripathi: एक्ट्रेस से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, समलैंगिक प्रेम कहानी को दुनिया तक पहुंचाने में जुटीं

श्वेता त्रिपाठी अपनी पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म मुझे जान ना कहो मेरी जान को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जा रही हैं। बर्लिन से TIFF 2026 तक के सफर में वह फिल्म के लिए फंडिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और नए साझेदार तलाश रही हैं।

✍️ By Rajni
• 📅 Oct 23, 2026 • ⏱️ 1 min read
Shweta Tripathi: एक्ट्रेस से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, समलैंगिक प्रेम कहानी को दुनिया तक पहुंचाने में जुटीं
Media Desk / OnscreenBuzz.com


बर्लिन से टोरंटो तक पहुंची ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’, अब अंतरराष्ट्रीय प्रोड्यूसर्स और फाइनेंसरों के साथ साझेदारी तलाश रही हैं श्वेता।

एक्टिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद श्वेता त्रिपाठी अब प्रोड्यूसर के तौर पर नई पारी खेल रही हैं। उनकी पहली प्रोड्यूस की गई फीचर फिल्म ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’ को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स और फिल्म बाजारों तक ले जाने की कोशिशें जारी हैं। बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से लेकर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 तक का सफर उनके लिए खास रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि श्वेता सिर्फ अपनी फिल्म को विदेशी मंचों पर दिखाने तक सीमित नहीं हैं। वह इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, फंडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की संभावनाएं भी तलाश रही हैं। उनका मकसद इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना है।

एक्टिंग से आगे बढ़कर अब कहानियों की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं श्वेता

एक अभिनेत्री के तौर पर श्वेता कई तरह के किरदार निभा चुकी हैं। लेकिन प्रोड्यूसर की भूमिका ने उनके सामने एक नई चुनौती रखी है। अब उन्हें फिल्म बनाने के साथ यह भी सोचना है कि वह दर्शकों तक कैसे पहुंचेगी, उसे सही साझेदार कैसे मिलेंगे और उसकी कहानी को व्यापक मंच कैसे मिलेगा।

श्वेता के मुताबिक, अपनी पहली फीचर फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पेश करना सीखने का अहम अनुभव रहा है। बर्लिन से टोरंटो तक की यात्रा ने उन्हें फिल्म के लिए नए अवसर तलाशने और दुनिया भर के फिल्मकारों से जुड़ने का मौका दिया।

समलैंगिक प्रेम कहानी है ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’

नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर संजय नाग के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तिलोत्तमा शोम और श्वेता त्रिपाठी नजर आएंगी। यह एक समलैंगिक प्रेम कहानी है, जो प्यार और इंसानी रिश्तों को गहराई से दिखाने की कोशिश करती है।

श्वेता इस कहानी से व्यक्तिगत रूप से जुड़ी हुई हैं। वह चाहती हैं कि ऐसी कहानियों को भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिले और वे अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच बातचीत की वजह बनें।

उनके लिए फिल्म को वैश्विक मंच तक ले जाना केवल एक पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि उस कहानी में उनके भरोसे का भी हिस्सा है।

थिएटर से शुरू हुआ था प्रोड्यूसर बनने का सफर

श्वेता का प्रोडक्शन से रिश्ता नया नहीं है। साल 2010 में उन्होंने अपनी थिएटर प्रोडक्शन कंपनी ऑल माय टी शुरू की थी। इसकी शुरुआत ब्रिटिश नाटककार माइक बार्टलेट के चर्चित नाटक ‘कॉक’ से हुई थी। यह नाटक समलैंगिक रिश्तों और पहचान से जुड़े सवालों को उठाता है।

इस साल प्राइड मंथ के दौरान इस नाटक का दोबारा मंचन भी हुआ। थिएटर में वापसी ने श्वेता के उस जुड़ाव को फिर सामने रखा, जिसमें वह उन कहानियों को मंच देना चाहती हैं, जिनसे वह खुद को करीब महसूस करती हैं।

अब फीचर फिल्मों के निर्माण की ओर बढ़ना इसी सफर का अगला कदम है। हालांकि, फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सही सहयोगियों और अवसरों की तलाश करना एक अलग तरह की जिम्मेदारी है।

TIFF 2026 में मिली खास पहचान

टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में श्वेता की भागीदारी को एक और उपलब्धि मिली। उन्हें विफ इंडिया एक्स गोल्ड हाउस स्कॉलरशिप के लिए चुना गया। इसके जरिए उन्हें गोल्ड हाउस पीच में अपनी फिल्म पेश करने का अवसर मिला।

इस मंच पर फिल्म को अंतरराष्ट्रीय प्रोड्यूसर्स, फाइनेंसरों और फिल्म जगत के अन्य पेशेवरों के सामने रखने का मौका मिला। इससे संभावित साझेदारियों, फंडिंग और फिल्म के भविष्य की संभावनाओं पर बातचीत का रास्ता खुला।

अब दुनिया तक पहुंचाना चाहती हैं अपनी कहानी

श्वेता त्रिपाठी के लिए ‘मुझे जान ना कहो मेरी जान’ सिर्फ उनकी पहली प्रोड्यूस की गई फीचर फिल्म नहीं है। यह उस सफर की शुरुआत भी है, जिसमें वह अभिनेत्री के साथ एक प्रोड्यूसर के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना चाहती हैं।

बर्लिन से टोरंटो तक की कोशिशों के बाद अब नजर इस बात पर है कि फिल्म को आगे किस तरह के अंतरराष्ट्रीय अवसर मिलते हैं और उसके लिए किस तरह की साझेदारियां बनती हैं।

श्वेता की कोशिश साफ है: ऐसी कहानियों को सामने लाना, जिन पर उन्हें भरोसा है और जिन्हें भाषा या सीमाओं से परे जाकर दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिलना चाहिए।

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Rajni

Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.

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