एक इंटरव्यू में सनी देओल ने बताया कि धर्मेंद्र का पाकिस्तान से भावनात्मक जुड़ाव था। वह अक्सर कहते थे, "पाकिस्तान मेरी मौसी है।" सनी ने पिता के इंसानियत और रिश्तों को लेकर नजरिए पर भी खुलकर बात की।
पिता की यादों में भावुक हुए सनी देओल
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने हाल ही में अपने पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र से जुड़ी कई निजी बातें साझा कीं। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र का पाकिस्तान से एक भावनात्मक रिश्ता था और वह अक्सर प्यार से कहते थे, "पाकिस्तान मेरी मौसी है।"
सनी ने कहा कि यह सिर्फ एक मजाकिया लाइन नहीं थी, बल्कि उनके पिता की भावनाओं और इंसानियत को दिखाने वाली बात थी।
बंटवारे की यादों से जुड़ा था रिश्ता
धर्मेंद्र का जन्म आज के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के साहनेवाल (लुधियाना के पास, तब अविभाजित भारत) में हुआ था। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया, लेकिन जन्मभूमि और वहां की यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहीं।
सनी ने बताया कि पिता अक्सर अपने बचपन, वहां के लोगों और पुराने दिनों को याद किया करते थे।
'पाकिस्तान मेरी मौसी है' कहने के पीछे क्या था मतलब?
सनी देओल के मुताबिक धर्मेंद्र का मानना था कि सरहदें देशों को बांट सकती हैं, लेकिन लोगों के बीच प्यार और अपनापन नहीं बांट सकतीं।
इसी भावना के साथ वह अक्सर कहा करते थे कि "पाकिस्तान मेरी मौसी है।" उनके लिए यह वाक्य दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्ते, सम्मान और अपनापन जताने का एक तरीका था।
इंसानियत को सबसे ऊपर रखते थे धर्मेंद्र
सनी ने कहा कि उनके पिता हमेशा मोहब्बत, शांति और इंसानियत की बात करते थे। उनका मानना था कि कलाकारों और आम लोगों के बीच दिल का रिश्ता राजनीति से कहीं बड़ा होता है।
यही वजह है कि धर्मेंद्र ने हमेशा दोनों देशों के लोगों के लिए सम्मान और प्यार की भावना रखी।
धर्मेंद्र का करियर आज भी मिसाल
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में शोले, चुपके-चुपके, सत्यकाम, फूल और पत्थर जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया।
आज भी वह फिल्मों और सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं और उनकी सादगी लोगों का दिल जीत लेती है।