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यश और साई पल्लवी की तारीफ, लेकिन रणबीर कपूर पर सवाल! रामानंद सागर के पोते बोले- 'Animal' का बैगेज भगवान राम के किरदार पर भारी पड़ सकता है

Category: Bollywood | By admin | Published: August 4, 2026
यश और साई पल्लवी की तारीफ, लेकिन रणबीर कपूर पर सवाल! रामानंद सागर के पोते बोले- 'Animal' का बैगेज भगवान राम के किरदार पर भारी पड़ सकता है


नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म 'रामायण' का टीज़र सामने आने के बाद फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है। रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म के विजुअल्स और भव्यता की जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन रणबीर कपूर की कास्टिंग पर बहस अभी भी थमी नहीं है।

अब इस मुद्दे पर रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने अपनी राय रखी है।

यश और साई पल्लवी की जमकर तारीफ

शिव सागर ने फिल्म के टीज़र को शानदार बताया। उनके मुताबिक फिल्म का स्केल, वीएफएक्स और विजुअल ट्रीटमेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर का नजर आता है।

उन्होंने खास तौर पर यश के रावण और साई पल्लवी की सीता की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों कलाकार अपने-अपने किरदारों के लिए बेहतरीन चुनाव लगते हैं। उनका मानना है कि इन दोनों के लुक और स्क्रीन प्रेजेंस में पौराणिक किरदारों की गरिमा साफ दिखाई देती है।

रणबीर कपूर पर क्यों उठाया सवाल?

रणबीर कपूर को लेकर शिव सागर की राय थोड़ी अलग है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम जैसे पूजनीय और आदर्श किरदार के लिए हमेशा ऐसा चेहरा चुना जाना चाहिए, जिसकी पहले से कोई मजबूत स्क्रीन इमेज न हो।

उनका कहना है कि 'Animal' जैसी फिल्म के बाद रणबीर कपूर अपने साथ एक अलग तरह का "बैगेज" लेकर आते हैं। ऐसे में कुछ दर्शकों के लिए उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

'यह आलोचना नहीं, सिर्फ मेरी सोच है'

शिव सागर ने साफ किया कि उनका उद्देश्य फिल्म या रणबीर कपूर की आलोचना करना नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के तौर पर रणबीर बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राम जैसे किरदार की छवि इतनी पवित्र होती है कि वहां एक बिल्कुल नया चेहरा ज्यादा प्रभाव छोड़ सकता है।

रामानंद सागर की 'रामायण' क्यों बन गई मिसाल?

1987 में प्रसारित रामानंद सागर की 'रामायण' आज भी भारतीय टेलीविजन की सबसे प्रतिष्ठित पौराणिक सीरीज मानी जाती है।

उस दौर में अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी जैसे कलाकार बड़े स्टार नहीं थे। दर्शकों ने उन्हें सीधे भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के रूप में स्वीकार किया। यही वजह है कि शिव सागर आज भी मानते हैं कि ऐसे किरदारों के लिए फ्रेश फेस ज्यादा असर छोड़ता है।

फिल्म से उम्मीदें बरकरार

हालांकि, शिव सागर ने यह भी कहा कि उन्हें नितेश तिवारी की 'रामायण' से काफी उम्मीदें हैं।

उनके मुताबिक भारतीय सिनेमा को लंबे समय से ऐसी फिल्म का इंतजार था, जो रामायण को आधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर के प्रेजेंटेशन के साथ दुनिया के सामने पेश कर सके।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि रिलीज के बाद रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरे उतरते हैं।