Fauzi Teaser Review: प्रभास को बनाया ‘आजादी का बाहुबली’, पर टीजर में कहानी कम, हीरो की हाइप ज्यादा!
प्रभास की फिल्म फौजी के टीजर में आजादी से पहले के भारत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले एक भारतीय जासूस की झलक मिलती है। जानिए टीजर में क्या दमदार लगा और कहां दिखी कमी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस, हिटलर और अंग्रेजों से टक्कर लेता एक रहस्यमयी भारतीय जासूस। ‘फौजी’ के पास कहानी का दमदार खाका है, लेकिन पहले टीजर में प्रभास के किरदार की तारीफ इतनी ज्यादा है कि इतिहास पीछे और हीरो का महिमामंडन आगे नजर आने लगता है।
प्रभास का जन्मदिन था, फैंस को तोहफा मिलना ही था। तोहफा मिला फिल्म ‘फौजी’ के टीजर के रूप में। उम्मीद थी कि आजादी की लड़ाई की पृष्ठभूमि में बनी यह फिल्म प्रभास को किसी नए अंदाज में पेश करेगी। टीजर में दूसरा विश्व युद्ध है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं, हिटलर है और अंग्रेजों के लिए सिरदर्द बना एक भारतीय जासूस भी।
सामान कम नहीं है। कहानी में इतिहास का वजन भी है और एक्शन का मसाला भी। मगर मुश्किल यह है कि टीजर कहानी की दिलचस्पी जगाने से ज्यादा प्रभास के किरदार की ताकत का ढोल पीटता नजर आता है। हीरो ऐसा कि उसे कोई पकड़ नहीं सकता, उसके जैसा कोई दूसरा नहीं और दुश्मन उसके नाम से परेशान हैं। यानी आजादी की लड़ाई का मैदान तैयार है, लेकिन हीरो की एंट्री का जश्न कुछ ज्यादा ही लंबा खिंच गया!
नेताजी और हिटलर की मुलाकात, कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा
टीजर की शुरुआत 29 मई 1942 को जर्मनी में एडोल्फ हिटलर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मुलाकात से होती है। नेताजी भारत को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए मदद चाहते हैं, लेकिन हिटलर इसे मुश्किल लड़ाई मानता है।
इसके बाद कहानी एक ऐसे भारतीय सैनिक और जासूस की तरफ मुड़ती है, जिसकी पहचान अंग्रेजों के लिए रहस्य बनी हुई है। टीजर के मुताबिक, वह भगवद्गीता से प्रेरित कोड का इस्तेमाल करता है, जिसे अंग्रेज समझ नहीं पाते। नेताजी के लिए यह जासूस बेहद अहम है और हिटलर भी उसके बारे में जानना चाहता है।
यहां फिल्म के पास एक बढ़िया मौका है। इतिहास की उथल पुथल के बीच एक काल्पनिक जासूस की कहानी, गुप्त मिशन और आजादी की लड़ाई को जोड़कर कुछ नया रचा जा सकता है। लेकिन टीजर इस दिलचस्प विचार की परतें खोलने के बजाय जल्दी ही प्रभास के एक्शन और उनकी ताकत का प्रदर्शन करने लगता है।
प्रभास का जलवा या हीरो की तारीफ में जरूरत से ज्यादा खर्च?
प्रभास मशीन गन लोड करते दिखाई देते हैं और अंग्रेजों को ललकारते हुए कहते हैं, “अरे ओ फिरंगी, मैं तुझसे तेरा खून और अपनी आजादी भी लूंगा।”
संवाद में जोश है, लेकिन जोश और जबरन जोश भरने में फर्क होता है। जब किसी किरदार को बार बार असाधारण बताया जाए, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर वह असाधारण करेगा क्या?
टीजर में प्रभास के किरदार को लेकर रहस्य बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन उसे इतना महान बताने पर जोर है कि उसकी असल कहानी जानने की उत्सुकता कुछ कम हो जाती है। दर्शक को हीरो की तारीफ सुनाने के बजाय उसके कारनामे दिखाए जाएं, तो असर कहीं ज्यादा गहरा हो सकता है।
हीरो को महान बताना आसान है, उसे पर्दे पर महान साबित करना असली पटकथा का काम है। ‘फौजी’ के टीजर में फिलहाल पहला काम ज्यादा होता दिख रहा है।
पीरियड फिल्म का माहौल अच्छा, लेकिन प्रभास का लुक कितना असरदार?
टीजर में 1940 के दशक की दुनिया बनाने की कोशिश दिखाई देती है। पुराने दौर की गाड़ियां, सैन्य साजोसामान और हिटलर तथा नेताजी की मुलाकात के लिए तैयार किया गया सेटअप फिल्म को एक बड़े ऐतिहासिक कैनवस पर रखने का संकेत देते हैं।
निर्देशक हनु राघवपुडी इससे पहले ‘सीता रामम’ जैसी फिल्म बना चुके हैं, जिसमें विजुअल्स और भावनाओं का खूबसूरत मेल देखने को मिला था। ‘फौजी’ में भी पुराने दौर की झलक दिखाने पर ध्यान दिया गया है।
लेकिन प्रभास का लुक उतना प्रभावशाली नहीं लगता, जितनी उम्मीद उनके जन्मदिन पर जारी टीजर से की जा रही थी। मुंह में सिगरेट और चेहरे पर विद्रोही तेवर वाला अंदाज जाना पहचाना लगता है। कुछ दृश्यों में यह लुक दूसरे बड़े एक्शन सितारों की फिल्मों की याद भी दिलाता है।
यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरी फिल्म में प्रभास का लुक कैसा लगेगा। अभी सिर्फ पहली झलक सामने आई है। लेकिन पहली झलक का काम उत्सुकता बढ़ाना होता है, और यहां लुक से ज्यादा चर्चा उसके पुरानेपन की हो सकती है।
‘फौजी’ में भी वही साउथ मसाला, बस पृष्ठभूमि ऐतिहासिक?
साउथ की मसाला फिल्मों में हीरो को असंभव लगने वाले काम करते दिखाना कोई नई बात नहीं है। सीटी बजाने लायक एंट्री, दमदार डायलॉग और दुश्मनों पर अकेले भारी पड़ने वाला नायक इस शैली की पहचान रहे हैं।
‘फौजी’ का टीजर भी कुछ ऐसा ही रास्ता पकड़ता दिखाई देता है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार पृष्ठभूमि आजादी से पहले के भारत की है और कहानी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक किरदार का इस्तेमाल किया गया है।
यहीं फिल्म को संभलकर चलने की जरूरत है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिर्फ पुराने कपड़े, बंदूकें और अंग्रेजों से लड़ाई दिखाने से नहीं बनती। उस दौर की राजनीति, संघर्ष और किरदारों की परिस्थितियों को भी कहानी में जगह चाहिए।
अगर हर घटना का मकसद प्रभास के किरदार को और बड़ा साबित करना ही रहा, तो आजादी की लड़ाई सिर्फ हीरो की निजी जंग बनकर रह सकती है। फिल्म के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक्शन और इतिहास के बीच सही संतुलन बनाने की होगी।
हिंदी डबिंग भी नहीं जगा पाती पूरा जोश
टीजर का एक कमजोर पहलू हिंदी डबिंग भी है। संवादों में वह धार महसूस नहीं होती, जो ऐसे बड़े पीरियड एक्शन ड्रामा से उम्मीद की जाती है।
प्रभास की फिल्मों का दर्शक वर्ग अलग अलग भाषाओं में फैला हुआ है। इसलिए हिंदी संस्करण में संवादों का असर और भावनाओं की डिलीवरी भी अहम हो जाती है। सिर्फ भारी आवाज में डायलॉग बोल देना उसे दमदार नहीं बना देता। संवाद किरदार की परिस्थिति और भावना से जुड़ें, तभी वे दर्शक के साथ टिकते हैं।
हालांकि, अंतिम फिल्म में डबिंग और संवादों का अनुभव अलग हो सकता है। फिलहाल टीजर इस मोर्चे पर भी पूरी तरह प्रभावित नहीं करता।
क्या ‘फौजी’ प्रभास के लिए साबित होगी खास फिल्म?
‘फौजी’ की कहानी में संभावनाएं हैं। आजादी से पहले का दौर, नेताजी से जुड़ा मिशन और एक गुमनाम भारतीय जासूस का विचार इसे दिलचस्प बना सकता है। निर्देशक के पास विजुअल्स के जरिए एक अलग दुनिया रचने का मौका भी है।
लेकिन टीजर की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह कहानी की झलक दिखाने के बजाय प्रभास के किरदार को असाधारण साबित करने में ज्यादा दिलचस्पी लेता है। दमदार संवाद हैं, एक्शन है और बड़े स्तर का सेटअप भी, मगर इन सबके बीच किरदार की गहराई और कहानी की मौलिकता की झलक कम मिलती है।
फिलहाल फिल्म को खारिज करना भी जल्दबाजी होगी। एक टीजर पूरी फिल्म का फैसला नहीं कर सकता। संभव है कि कहानी आगे जाकर इन सवालों का जवाब दे और प्रभास का किरदार उम्मीद से ज्यादा परतदार निकले।
फिलहाल फैसला यही है: ‘फौजी’ का ऐतिहासिक सेटअप उत्सुकता जगाता है, लेकिन टीजर में आजादी की लड़ाई से ज्यादा प्रभास की हीरो वाली हाइप सुनाई देती है। अब देखना होगा कि फिल्म सिर्फ सीटी बजवाती है या कहानी से भी दिल जीतती है।
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Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
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