नाना पाटेकर के जाने से सूना हुआ सिनेमा: पीछे छोड़ गए पत्नी-बेटे का परिवार, ‘परिंदा’ के अन्ना से ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी तक यादगार किरदार और डायलॉग
नाना पाटेकर की जिंदगी के अनसुने पहलू, पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार से जुड़ी कहानी, उनकी यादगार फिल्में और वो डायलॉग जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
मुंबई। नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं थी। वह उन कलाकारों में रहे जिन्होंने पर्दे पर किरदार निभाया नहीं, बल्कि उसे अपनी आवाज, आंखों और अंदाज से ऐसा बना दिया कि किरदार ही उनकी पहचान बन गया। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, नाना ने हर जॉनर में अपनी अलग छाप छोड़ी।
उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा से दूर रही। पत्नी नीलकांति पाटेकर, बेटे मल्हार पाटेकर और परिवार से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जो नाना की फिल्मी पहचान के पीछे छिपे इंसान को सामने लाते हैं।
पत्नी नीलकांति भी फिल्मों से जुड़ी रहीं
नाना पाटेकर ने नीलकांति पाटेकर से शादी की थी। नीलकांति खुद भी थिएटर और फिल्मों से जुड़ी रही हैं। दोनों की जिंदगी लंबे समय तक साथ रही, हालांकि बाद के वर्षों में दोनों अलग-अलग रहने लगे थे।
नाना और नीलकांति का बेटा मल्हार पाटेकर है। मल्हार ने भी फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है और निर्देशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे हैं।
ढाई साल की उम्र में बेटे को खो दिया था
नाना की जिंदगी का सबसे दर्दनाक अध्याय उनके बड़े बेटे दुर्वासा से जुड़ा है। उनका निधन महज ढाई साल की उम्र में हो गया था।
इस घटना ने नाना और उनके परिवार को गहरे तौर पर प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे मल्हार की परवरिश की और उसे फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध से काफी हद तक दूर रखा।
नाना पाटेकर के वो किरदार जिन्हें भूलना मुश्किल
नाना की फिल्मोग्राफी इतनी लंबी है कि उनके हर किरदार की अपनी एक कहानी है। लेकिन कुछ किरदार ऐसे रहे जो उनकी पहचान का हिस्सा बन गए।
‘परिंदा’ का अन्ना
‘परिंदा’ में नाना ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया। खतरनाक, निर्दयी और बेहद प्रभावशाली इस किरदार में नाना की अदाकारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
‘क्रांतिवीर’ का प्रताप नारायण तिलक
अगर नाना के सबसे दमदार किरदारों की बात हो तो ‘क्रांतिवीर’ का नाम सबसे ऊपर आता है।
प्रताप नारायण तिलक के किरदार में नाना ने सिस्टम, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक आम आदमी के गुस्से को पर्दे पर उतारा।
उनकी संवाद अदायगी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रही।
‘प्रहार’ में अभिनेता के साथ निर्देशक
‘प्रहार’ नाना के करियर की इसलिए भी खास फिल्म है क्योंकि इसमें उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन भी किया।
फिल्म के लिए उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग ली थी। नाना का सेना से जुड़ाव सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रहा और बाद में कारगिल युद्ध के दौरान भी वह जवानों के बीच पहुंचे।
‘अब तक छप्पन’ का साधु आगाशे
‘अब तक छप्पन’ में नाना ने पुलिस अधिकारी साधु आगाशे की भूमिका निभाई।
कम बोलने वाला, बेहद सख्त और अपने काम को लेकर जुनूनी पुलिस अफसर—इस किरदार में नाना ने बिना ज्यादा शोर किए अपना असर छोड़ा।
‘यशवंत’ का गुस्सा
‘यशवंत’ में नाना ने एक ईमानदार लेकिन व्यवस्था से परेशान पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया।
फिल्म के कई संवाद आज भी नाना की पहचान से जुड़े हुए हैं।
‘वेलकम’ का उदय शेट्टी
और फिर आया नाना का सबसे अलग अंदाज—उदय शेट्टी।
‘वेलकम’ में नाना ने जिस तरह एक डॉन के किरदार को कॉमेडी के रंग में ढाला, उसने उनकी इमेज ही बदल दी।
‘क्रांतिवीर’ का गुस्सैल अभिनेता जब ‘वेलकम’ में मजनू भाई के साथ उदय शेट्टी बनकर सामने आया तो दर्शकों ने उनकी कॉमिक टाइमिंग का नया रूप देखा।
नाना के डायलॉग, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं
नाना पाटेकर की आवाज उनके अभिनय का सबसे बड़ा हथियार थी। उनके कई संवाद फिल्मों से निकलकर पॉप कल्चर का हिस्सा बन गए।
‘क्रांतिवीर’
“सौ में से अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा देश महान।”
‘यशवंत’
“एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है।”
‘वेलकम’
“भगवान का दिया सब कुछ है... दौलत है, शोहरत है, इज्जत है।”
उदय शेट्टी के इस अंदाज ने नाना को नई पीढ़ी के बीच भी बेहद लोकप्रिय बना दिया।
‘अब तक छप्पन’
इस फिल्म में नाना की संवाद अदायगी कम शब्दों में ज्यादा असर पैदा करती थी। साधु आगाशे का पूरा किरदार ही उनके शांत लेकिन खतरनाक अंदाज पर टिका था।
नाना की खासियत क्या थी?
वह डायलॉग नहीं बोलते थे, डायलॉग को अपनी आवाज दे देते थे।
उनकी एक्टिंग में एक खास तरह की रॉनेस थी। वह हीरो की तरह परफेक्ट दिखने की कोशिश नहीं करते थे। उनके किरदारों में गुस्सा था, कमजोरी थी, दर्द था और सबसे बड़ी बात—इंसानियत थी।
यही वजह है कि एक ही अभिनेता ने ‘परिंदा’ का गैंगस्टर, ‘क्रांतिवीर’ का विद्रोही, ‘अब तक छप्पन’ का पुलिस अफसर, ‘नटसम्राट’ का टूटता कलाकार और ‘वेलकम’ का कॉमिक डॉन बनकर दर्शकों के दिल में अलग-अलग जगह बनाई।
नाना पाटेकर की विरासत
नाना की सबसे बड़ी विरासत उनके अवॉर्ड या बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि उनके किरदार और डायलॉग हैं।
वह उन कलाकारों में रहे जिनके नाम के आगे ‘स्टार’ लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। नाना पाटेकर नाम ही अपने आप में एक एक्टिंग स्कूल रहा।
Loved this story? Share with your friends!
Spread the word across your favorite social networks.
Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
🔥 Related Articles & Recommended Stories
More stories from Bollywood
Ranbir Kapoor’s ‘Love & War’ First Look Is Here! Bloodied Arm, Vintage Car and Retro Avatar Leave Fans Full of Questions
Ranbir Kapoor’s first look from Sanjay Leela Bhansali’s ‘Love & War’ is finally here. His vintage avatar, sunglasses and bloodied arm have left fans wondering what happened to his character.
Aryan Khan Is Bringing ‘The Ba***ds of Bollywood’ Back! Season 2 Reportedly Goes on Floors in March 2027, Original Cast Set to Return
Aryan Khan’s ‘The Ba***ds of Bollywood’ is reportedly returning for Season 2, with production expected to begin in March 2027 and the original recurring cast set to return.
Ayushmann Khurrana Forgets He’s a Pakistani Spy and Starts Fighting for India! ‘Udta Teer’ Trailer Serves a Wild Mix of Spies, Memory Loss and Madness
Ayushmann Khurrana plays a Pakistani spy who loses his memory and starts believing he is an Indian intelligence officer in ‘Udta Teer’. Here’s everything revealed by the new trailer.
Harvey Weinstein Gets 15 Years in Jail… But Why Is Bollywood Suddenly Talking About That Old #MeToo Storm Again?
Harvey Weinstein's 15-year prison sentence has brought the #MeToo movement back into focus. Here's how the Hollywood scandal connects with Bollywood's 2018 #MeToo wave and India's wider conversation around workplace harassment.