‘सरकार पसंद नहीं तो चुनाव लड़कर दिखाइए’, नसीरुद्दीन शाह पर पुनीत इस्सर का पलटवार, परेश रावल बोले, उनकी बात खारिज नहीं कर सकता
नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर पुनीत इस्सर ने पलटवार करते हुए सरकार से असहमति रखने वालों को चुनाव लड़ने की सलाह दी। वहीं परेश रावल पहले कह चुके हैं कि नसीरुद्दीन शाह की बात को राजनीतिक मतभेदों के कारण खारिज नहीं करना चाहिए।
नसीरुद्दीन शाह ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। उनके बयान पर अभिनेता पुनीत इस्सर ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि सरकार से असहमति रखने वालों को चुनाव लड़कर उसे हराने की कोशिश करनी चाहिए। दूसरी तरफ, परेश रावल का नजरिया इससे अलग रहा है। वह पहले कह चुके हैं कि नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों की बात को सिर्फ राजनीतिक मतभेदों के कारण खारिज नहीं किया जाना चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि इस बहस में मुद्दा सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि यह भी है कि कलाकारों को राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर बोलना चाहिए या नहीं।
‘सरकार पसंद नहीं तो राजनीति में आइए’, पुनीत इस्सर ने क्या कहा?
‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए पुनीत इस्सर ने नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह वरिष्ठ अभिनेता का सम्मान करते हैं। शाह उनके शिक्षक भी रह चुके हैं और वह उन्हें बेहतरीन कलाकार मानते हैं। हालांकि, उनके राजनीतिक विचारों से वह सहमत नहीं हैं।
मीडिया से बातचीत में पुनीत ने कहा कि किसी मुद्दे पर बोलते समय चयनात्मक रवैया नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि देश और दुनिया में कई दूसरे मुद्दे भी हैं, लेकिन कुछ लोग चुनिंदा विषयों पर ही मुखर क्यों होते हैं।
पुनीत ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को सरकार की आलोचना करने और अपने विचार रखने का अधिकार है। लेकिन अगर किसी को मौजूदा सरकार पसंद नहीं है, तो वह राजनीति में उतरकर चुनाव लड़े, जनता का समर्थन हासिल करे और सरकार को हराने की कोशिश करे।
उनकी इस टिप्पणी ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि किसी कलाकार की सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारी कहां तक होनी चाहिए। क्या कलाकार को सिर्फ अपने काम तक सीमित रहना चाहिए या उसे देश के मुद्दों पर भी खुलकर बोलना चाहिए?
नसीरुद्दीन शाह ने ऐसा क्या कहा कि मचा बवाल?
विवाद की शुरुआत नसीरुद्दीन शाह के उस वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया। शाह ने केंद्र सरकार की नीतियों और शिक्षण संस्थानों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से जुड़े छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की। शाह का आरोप है कि सरकार से असहमति रखने वाले लोगों और छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है तथा उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार से जोड़कर देखा, जबकि आलोचकों ने उनके शब्दों और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए।
यह विवाद अब सिर्फ शाह के बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकार की आलोचना, छात्र आंदोलनों और कलाकारों की सार्वजनिक भूमिका पर व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।
परेश रावल ने क्यों कहा था, ‘मैं उनकी बात खारिज नहीं कर सकता’?
परेश रावल का नजरिया इस बहस में खास मायने रखता है। वह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद रह चुके हैं, जबकि नसीरुद्दीन शाह कई मौकों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। इसके बावजूद परेश ने पहले कहा था कि राजनीतिक विचार अलग होने का मतलब यह नहीं कि किसी की बात सुने बिना उसे खारिज कर दिया जाए।
एक इंटरव्यू में परेश रावल ने कहा था कि अगर नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान या शाहरुख खान किसी मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हैं, तो वह उनकी बात सुनेंगे। वह उनके विचारों को सीधे खारिज करने के बजाय समझने और उन पर विचार करने की कोशिश करेंगे।
परेश के मुताबिक, अगर उन्हें किसी बात से असहमति होगी, तो वह अपनी राय भी रखेंगे। लेकिन वह यह मानकर नहीं चलेंगे कि सामने वाला व्यक्ति गलत ही है।
उन्होंने नसीरुद्दीन शाह की अभिनय क्षमता और उनके व्यक्तित्व की भी तारीफ की थी। परेश ने कहा था कि दोनों की राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन उनके बीच इस वजह से कभी बहस या मनमुटाव नहीं हुआ।
हालांकि, परेश रावल की ये टिप्पणियां नसीरुद्दीन शाह के मौजूदा ‘दिमागी नक्सल’ बयान के जवाब में दी गई नई प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहले दिए गए इंटरव्यू का हिस्सा हैं। इसलिए इसे मौजूदा विवाद में परेश का सीधा पलटवार या ताजा समर्थन कहना सही नहीं होगा।
क्या कलाकारों को राजनीति पर बोलना चाहिए?
इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल यही है। एक तरफ यह तर्क दिया जाता है कि कलाकारों का काम मनोरंजन करना है और उन्हें राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। पुनीत इस्सर ने भी अपने बयान में सरकार की आलोचना करने वालों को चुनावी राजनीति में उतरने की चुनौती दी है।
दूसरी तरफ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पक्ष रखने वालों का मानना है कि कलाकार भी देश के नागरिक हैं। उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर अपनी राय रखने का उतना ही अधिकार है, जितना किसी दूसरे नागरिक को है।
परेश रावल की पहले की टिप्पणियां इसी दूसरे पहलू को सामने लाती हैं। उनका कहना रहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी की चिंता को सुना जाना चाहिए। किसी की बात से सहमत होना जरूरी नहीं, लेकिन उसे बिना सुने खारिज करना भी उचित नहीं है।
नसीरुद्दीन शाह और पुनीत इस्सर के बीच वैचारिक मतभेद अब सुर्खियों में हैं। परेश रावल का पुराना बयान इस बहस में एक अलग नजरिया जोड़ता है। आखिरकार, लोकतंत्र में सवाल उठाना भी जरूरी है और उन सवालों से असहमत होने का अधिकार भी। असली चुनौती यह है कि बहस मुद्दों पर हो, व्यक्तिगत हमलों पर नहीं।
Loved this story? Share with your friends!
Spread the word across your favorite social networks.
Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
🔥 Related Articles & Recommended Stories
More stories from Bollywood
टाइगर श्रॉफ नहीं, कोई और था निशाने पर! शूटर्स की प्लानिंग में आया ट्विस्ट, पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में शुरुआती पूछताछ से बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथित हमलावर पहले किसी दूसरे बॉलीवुड सेलिब्रिटी को निशाना बनाना चाहते थे। उस शख्स का नाम अभी सामने नहीं आया है।
Sachin Sharma Drops His New Composition “Khat Mein
Singer Sachin Sharma releases his new original composition, “Khat Mein,” as a heartfelt tribute to legendary lyricist Bashir Badr. Featuring Ajinkya Dhage and Gunjaa Das, the music video explores love, longing and the fading tradition of handwritten letters.
Ranbir Kapoor’s ‘Love & War’ First Look Is Here! Bloodied Arm, Vintage Car and Retro Avatar Leave Fans Full of Questions
Ranbir Kapoor’s first look from Sanjay Leela Bhansali’s ‘Love & War’ is finally here. His vintage avatar, sunglasses and bloodied arm have left fans wondering what happened to his character.
Aryan Khan Is Bringing ‘The Ba***ds of Bollywood’ Back! Season 2 Reportedly Goes on Floors in March 2027, Original Cast Set to Return
Aryan Khan’s ‘The Ba***ds of Bollywood’ is reportedly returning for Season 2, with production expected to begin in March 2027 and the original recurring cast set to return.