जिस 'DDLJ' ने बनाया रोमांस का बादशाह, उसी फिल्म को करने से कतरा रहे थे शाहरुख खान, फ्लॉप फिल्मों के बाद घर में बनाने लगे पिज्जा; गौरी को मनाने में भी छूटे पसीने, 61वें जन्मदिन पर जानिए किंग खान की जिंदगी के 10 अनसुने किस्से
जिस DDLJ ने शाहरुख खान को रोमांस का बादशाह बनाया, उसकी कहानी सुनकर वह खुद हैरान रह गए थे। कभी खिलाड़ी बनना चाहते थे, गौरी से शादी के लिए संघर्ष किया और जीरो की असफलता के बाद पिज्जा बनाना सीखा। 61वें जन्मदिन पर जानिए किंग खान की जिंदगी के 10 दिलचस्प किस्से।
कभी स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे शाहरुख, पीठ की चोट ने बदल दी जिंदगी; टीवी के 'फौजी' से शुरू हुआ सफर, विलेन बनकर मिली पहचान, गौरी से शादी के लिए परिवार की नाराजगी झेली, 'जीरो' के बाद चार साल तक फिल्मों से दूर रहकर सीखा पिज्जा बनाना
बॉलीवुड में एक ऐसा सितारा है, जिसकी एक मुस्कान पर करोड़ों लोग फिदा हैं, जिसके बाहें फैलाने वाले अंदाज की नकल दुनिया भर में होती है और जिसके नाम से सिनेमाघरों में आज भी भीड़ उमड़ पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शाहरुख खान को आज दुनिया रोमांस का बादशाह कहती है, वह कभी 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की कहानी सुनकर ही हैरान रह गए थे? जिस अभिनेता ने रोमांटिक हीरो बनकर इतिहास रचा, वह असल में एक्शन स्टार बनना चाहता था। और जिस सुपरस्टार की फिल्मों ने हजारों करोड़ कमाए, वह एक समय अपनी असफल फिल्मों के बाद घर में पिज्जा बनाना सीख रहा था।
2 नवंबर 1965 को दिल्ली में जन्मे शाहरुख खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, एक्शन, कॉमेडी और गंभीर अभिनय से अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन उनकी सफलता के पीछे कुछ ऐसे किस्से हैं, जो उनकी जिंदगी के अनदेखे पहलुओं को सामने लाते हैं।
दिल्ली से मुंबई तक का सफर, माता-पिता को खोने का दर्द, गौरी के साथ प्रेम कहानी, करियर में असफलताओं का सामना और फिर जबरदस्त वापसी। जन्मदिन पर जानते हैं शाहरुख खान की जिंदगी के 10 दिलचस्प किस्से।
1. कभी अभिनेता नहीं, खिलाड़ी बनना चाहते थे शाहरुख खान
शाहरुख खान का पहला सपना फिल्म स्टार बनना नहीं था। स्कूल के दिनों में उन्हें खेलों का बहुत शौक था और वह एक खिलाड़ी के रूप में अपना करियर बनाना चाहते थे।
लेकिन पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट ने उनके इस सपने को झटका दे दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें करीब छह सप्ताह तक बिस्तर पर रहना पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस दौरान वह कई महीनों तक बेहद निराश रहे।
उनकी मां ने उन्हें घर से बाहर निकलकर किसी गतिविधि में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी सिलसिले में वह दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में आयोजित नाटक 'एनी गेट योर गन' से जुड़े। यहां उन्होंने गायन और डांस के जरिए मंच पर कदम रखा।
यही वह मोड़ था, जिसने उन्हें खेल के मैदान से अभिनय की दुनिया की तरफ मोड़ दिया।
2. जिस फिल्म ने बनाया रोमांस का बादशाह, उसकी कहानी सुनकर चौंक गए थे
आज 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के बिना शाहरुख खान की पहचान की कल्पना करना मुश्किल है। लेकिन इस फिल्म की कहानी सुनकर शाहरुख शुरुआत में बिल्कुल आश्वस्त नहीं थे।
नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री 'द रोमांटिक्स' में शाहरुख ने बताया था कि आदित्य चोपड़ा ने जब उन्हें राज का किरदार सुनाया, तो वह हैरान रह गए थे।
उन्हें यह बात समझ नहीं आई कि फिल्म का हीरो लड़की से प्यार करने के बावजूद उसे भगाकर क्यों नहीं ले जाता और उसके परिवार की मंजूरी का इंतजार क्यों करता है।
शाहरुख को उस समय यह कहानी कुछ ज्यादा ही भावुक और मासूम लगी थी। लेकिन आखिरकार उन्होंने राज का किरदार स्वीकार किया।
1995 में रिलीज हुई इस फिल्म ने उनकी जिंदगी बदल दी। राज और सिमरन की प्रेम कहानी ऐसी लोकप्रिय हुई कि शाहरुख हमेशा के लिए रोमांस के बादशाह बन गए।
आज भी मुंबई के मराठा मंदिर में इस फिल्म का प्रदर्शन जारी रहना इसकी लोकप्रियता की मिसाल है।
3. गौरी को पहली बार देखा तो कर बैठे थे प्यार, लेकिन शादी की राह आसान नहीं थी
शाहरुख खान और गौरी की प्रेम कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
दोनों की मुलाकात दिल्ली की एक पार्टी में हुई थी। शाहरुख पहली ही मुलाकात में गौरी को पसंद करने लगे थे। उन्होंने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन गौरी ने शुरुआत में उन्हें ज्यादा भाव नहीं दिया।
एक बार जब शाहरुख ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो गौरी ने कह दिया कि वह अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हैं। यह सुनकर शाहरुख पीछे हट गए, लेकिन गौरी को पाने की कोशिश नहीं छोड़ी।
समय के साथ दोनों का रिश्ता गहरा हुआ। हालांकि, अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण गौरी के परिवार की तरफ से इस रिश्ते को लेकर आपत्तियां थीं।
फिल्मी करियर शुरू करने से पहले ही शाहरुख ने गौरी से शादी करने का फैसला कर लिया था। फिल्म निर्माताओं ने भी उन्हें करियर के शुरुआती दौर में शादी न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अपने प्यार को प्राथमिकता दी।
25 अक्टूबर 1991 को दोनों ने शादी कर ली। आज करीब 35 साल बाद भी उनकी प्रेम कहानी बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में शामिल है।
4. फिल्मों में हीरो बनने से पहले 'डर' और 'बाजीगर' में बने थे खतरनाक विलेन
शाहरुख खान को आज रोमांटिक हीरो के तौर पर याद किया जाता है, लेकिन उनके शुरुआती फिल्मी करियर की सबसे बड़ी पहचान नकारात्मक किरदार थे।
1992 में 'दीवाना' से हिंदी फिल्मों में शुरुआत करने वाले शाहरुख ने इसके बाद 'बाजीगर', 'डर' और 'अंजाम' जैसी फिल्मों में ऐसे किरदार निभाए, जो प्यार के नाम पर किसी भी हद तक जाने को तैयार थे।
'बाजीगर' में उन्होंने बदले की आग में जल रहे युवक का किरदार निभाया। वहीं 'डर' में राहुल का जुनूनी प्रेम दर्शकों के लिए डर और रोमांच दोनों लेकर आया।
उस दौर में एक नए अभिनेता के लिए नकारात्मक किरदारों को चुनना आसान फैसला नहीं था। लेकिन शाहरुख ने जोखिम लिया और अपनी अलग पहचान बनाई।
दिलचस्प बात यह है कि जिन फिल्मों में वह खलनायक जैसे किरदार निभा रहे थे, उन्हीं ने आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड का सबसे बड़ा रोमांटिक सितारा बनाने की जमीन तैयार की।
5. 'जीरो' फ्लॉप हुई तो फिल्मों से दूरी बनाई, घर में छोटी सी रसोई बनाकर सीखने लगे पिज्जा बनाना
यह शाहरुख खान की जिंदगी का सबसे दिलचस्प और कम चर्चित किस्सा है।
2018 में आई फिल्म 'जीरो' को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इससे पहले भी उनकी कुछ फिल्मों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। लगातार असफलताओं के बाद शाहरुख ने कुछ समय के लिए अभिनय से दूरी बनाने का फैसला किया।
2024 में पत्रकार रिचर्ड क्वेस्ट को दिए इंटरव्यू में शाहरुख ने बताया था कि उन्होंने अपने लिए एक छोटी सी रसोई बनाई और पिज्जा बनाना सीखना शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा था कि वह फिल्मों की कहानियां सुनना और अभिनय करना छोड़कर कुछ समय अपने साथ बिताना चाहते थे।
पिज्जा बनाने के अनुभव से उन्होंने धैर्य का सबक सीखा। शाहरुख के मुताबिक, एक बेहतरीन गोल पिज्जा बनाने के लिए पहले लाखों टेढ़े-मेढ़े पिज्जा बनाने पड़ते हैं।
उन्होंने मजाक में यह भी कहा था कि उन्हें खुशी है कि उनके परिवार ने यह नहीं कहा कि उनके पिज्जा फिल्मों से बेहतर हैं और उन्हें अभिनय छोड़ देना चाहिए।
यह किस्सा बताता है कि सुपरस्टार होने के बावजूद शाहरुख असफलताओं को स्वीकार करना और उनसे सीखना जानते हैं।
6. 'चक दे इंडिया' करने से पहले भी थे नर्वस, रोमांटिक छवि से बाहर निकलना था चुनौती
शाहरुख खान की सबसे यादगार फिल्मों में 'चक दे इंडिया' का नाम जरूर आता है। लेकिन इस फिल्म का कबीर खान वाला किरदार उनके लिए आसान नहीं था।
अब तक दर्शक उन्हें रोमांटिक हीरो के तौर पर देखने के आदी हो चुके थे। ऐसे में एक गंभीर हॉकी कोच का किरदार निभाना उनके लिए अलग चुनौती थी।
फिल्म में उन्होंने एक ऐसे पूर्व हॉकी खिलाड़ी की भूमिका निभाई, जो भारतीय महिला हॉकी टीम को विश्व विजेता बनाने का सपना देखता है।
इस किरदार में न रोमांटिक गाने थे, न ही पारंपरिक हीरो वाला अंदाज। इसके बावजूद शाहरुख ने अपने अभिनय से कबीर खान को यादगार बना दिया।
फिल्म ने साबित किया कि उन्हें किसी एक छवि में बांधना मुश्किल है।
7. कभी रोमांटिक हीरो नहीं, एक्शन स्टार बनना चाहते थे शाहरुख
शाहरुख खान की फिल्मों को देखकर ऐसा लगता है कि उनका जन्म ही रोमांस करने के लिए हुआ था। लेकिन असल जिंदगी में वह लंबे समय तक एक्शन हीरो बनना चाहते थे।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहरुख ने बताया था कि आदित्य चोपड़ा ने उन्हें 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के जरिए रोमांटिक फिल्मों की तरफ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।
हालांकि, उनके मन में एक्शन फिल्मों को लेकर हमेशा उत्साह रहा।
कई साल बाद उन्होंने आदित्य चोपड़ा और निर्देशक सिद्धार्थ आनंद से साफ कहा कि अब उन्हें एक एक्शन फिल्म बनानी चाहिए।
इसका नतीजा 2023 में 'पठान' के रूप में सामने आया। फिल्म में शाहरुख का एक्शन अवतार दर्शकों को खूब पसंद आया और उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की।
8. करियर के शुरुआती दिनों में ही कह दिया था, पूरी कहानी और अच्छे संवाद चाहिए
शाहरुख खान का एक और दिलचस्प पहलू उनका आत्मविश्वास है।
1992 में जब वह फिल्म इंडस्ट्री में नए थे, तब भी वह निर्माताओं से पूरी कहानी और ठीक से लिखे गए संवाद मांगते थे।
इस वजह से कुछ लोगों ने उन्हें घमंडी तक कहा था। लेकिन शाहरुख ने उस आलोचना का जवाब देते हुए कहा था कि अगर आत्मसम्मान को घमंड कहा जाता है, तो वह घमंडी हैं।
उनका मानना था कि किसी भी कलाकार को किरदार की पूरी समझ होनी चाहिए। वह सिर्फ नाम या कुछ संवादों के आधार पर फिल्म साइन करने में विश्वास नहीं रखते थे।
आज इतने साल बाद भी उनकी स्क्रिप्ट और किरदार को लेकर गंभीरता उनके काम में दिखाई देती है।
9. माता-पिता को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, मां की याद आज भी है खास
शाहरुख खान की सफलता की कहानी में एक ऐसा दर्द भी है, जिसे वह कई बार सार्वजनिक मंचों पर साझा कर चुके हैं।
उनके पिता मीर ताज मोहम्मद खान का 1981 में निधन हो गया था। उस समय शाहरुख करीब 15 साल के थे।
इसके करीब दस साल बाद 1991 में उनकी मां लतीफ फातिमा खान भी इस दुनिया से चली गईं।
मां के निधन के बाद शाहरुख के लिए यह बहुत बड़ा सदमा था। वह अपनी मां के बेहद करीब थे और उन्होंने कई बार कहा है कि उनकी मां ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
माता-पिता दोनों को खोने के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को नए सिरे से संभाला। दिल्ली से मुंबई आकर अभिनय की दुनिया में अपना भविष्य बनाया।
आज उनकी सफलता को देखकर शायद अंदाजा लगाना मुश्किल हो कि इस चमक के पीछे कितने निजी संघर्ष छिपे हैं।
10. 'पठान' और 'जवान' से की ऐसी वापसी कि बॉक्स ऑफिस पर बदल दिया खेल
शाहरुख खान के करियर में 2018 से 2023 के बीच एक लंबा अंतराल रहा। इस दौरान उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाए रखी और अपने परिवार के साथ समय बिताया।
लेकिन 2023 में 'पठान' के साथ उनकी वापसी ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान खींच लिया।
इसके बाद आई 'जवान' ने भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। दोनों फिल्मों ने दुनियाभर में हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का आंकड़ा पार किया।
इसके बाद राजकुमार हिरानी की 'डंकी' में उन्होंने एक बिल्कुल अलग तरह का किरदार निभाया।
शाहरुख ने खुद स्वीकार किया था कि एक समय वह दर्शकों की पसंद को ठीक से समझ नहीं पा रहे थे। वह कुछ अलग और अनोखा करने की कोशिश में दर्शकों की अपेक्षाओं से दूर चले गए थे।
लेकिन वापसी के दौरान उन्होंने फिर से दर्शकों की पसंद को समझा और अपने करियर की नई पारी शुरू की।
अब 'किंग' बनकर फिर बड़े पर्दे पर धमाका करने की तैयारी
61वें जन्मदिन पर शाहरुख खान ने अपनी आने वाली फिल्म 'किंग' का पहला गाना 'तू मिल जाए' रिलीज कर फैंस को खास तोहफा दिया है।
इस गाने में दीपिका पादुकोण के साथ उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री दिखाई दे रही है। अरिजीत सिंह की आवाज और एड शीरन के रैप ने गाने को खास बना दिया है।
सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में सुहाना खान, दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन और कई बड़े कलाकार नजर आएंगे।
फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के जरिए शाहरुख अपनी बेटी सुहाना के साथ पहली बार बड़े पर्दे पर अभिनय करते नजर आएंगे।
एक खिलाड़ी बनने का सपना देखने वाला लड़का कैसे बन गया दुनिया का बादशाह?
शाहरुख खान की कहानी सिर्फ एक अभिनेता की सफलता की कहानी नहीं है। यह उस इंसान का सफर है, जिसने कम उम्र में माता-पिता को खोया, अपने सपनों को बदलते देखा, प्यार के लिए संघर्ष किया, करियर में असफलताएं झेलीं और फिर हर बार खुद को पहले से ज्यादा मजबूत बनाकर वापस आया।
जिस लड़के ने कभी खिलाड़ी बनने का सपना देखा था, वह आज दुनिया के सबसे पहचाने जाने वाले फिल्म सितारों में शामिल है।
शायद यही वजह है कि शाहरुख खान के लिए लोगों का प्यार सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं है। उनके संघर्ष, उनका आत्मविश्वास और जिंदगी को देखने का उनका अंदाज भी लोगों को उनसे जोड़ता है।
61 साल की उम्र में भी शाहरुख के सामने नई चुनौतियां हैं, नई फिल्में हैं और नए सपने हैं। उनकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि किंग की असली पारी तो अभी जारी है।
जन्मदिन मुबारक, शाहरुख खान!
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Rajni
Official editorial writer covering cinema box office, OTT streaming releases, Bollywood & Hollywood news, and pop culture for OnscreenBuzz.com.
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